अक्टूबर, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
हाइकु शतदल

हाइकु शतदल

संवेदना और अनुशासित शिल्प का अनुपम महासंगम : ‘हाइकु शतदल’ पुस्तक का नाम : हाइकु शतदल संपादक …

सावधानी

सावधानी

‎बारिश का मौसम था। आसमान में काली घटाएं घिरने लगी थीं। वहीं छोटी–छोटी लड़कियाँ खेलकूद कर मौसम का आनंद ले रही थीं। तभी ज…

वामा

वामा

आज भी रंजना ने अपनी बेटी और बेटे को स्कूल भेजकर, अर्पित व अपने लिए चाय बनायी। अर्पित की चाय बिस्तर पर ही दे आयी और अपनी…

मंकी मदर

मंकी मदर

रोहित का देश के एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में चयन हो गया था। घर में मानो दीपावली उतर आई थी। रिश्तेदारों के फोन, म…

नौ दो ग्यारह होना

नौ दो ग्यारह होना

लगभग तीन बज रहे थे। पूरा आकाश काली पुतलियो से घिरा हुआ था। सभी विद्यालय की छुट्टी होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे ।…

पाप का फल

पाप का फल

अपनी पीठ,छाती और घुटनों पर लगे हल्दी चूने के लेप को दिखाते हुए मुरारी ने मनोहर की ओर देख कर कहा "भाई! बच्चों की कि…

आत्मप्रेम के सात फेरे

आत्मप्रेम के सात फेरे

खबर छोटी थी, पर असर परमाणु बम जैसा हुआ। एक महिला ने पति से तलाक लेकर स्वयं से विवाह कर लिया। न बारात, न बैंड, न वो मामा…

प्राचीन काल में शिक्षा का स्वरूप एवं स्त्री शिक्षा

प्राचीन काल में शिक्षा का स्वरूप एवं स्त्री शिक्षा

प्रस्तावना: स्त्री शिक्षा किसी भी समाज के विकास का प्रतीक है। यदि कोई समाज विकसित तथा सभ्य है तो निश्चित है कि …

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Out
Ok, Go it!