किराएदार
राजीव और सोनल पढ़े-लिखे, कामकाजी पति-पत्नी थे। दोनों साधारण मध्यमवर्गीय परिवारों से आए थे। जीवन की शुरुआत उन्होंने मितव…
राजीव और सोनल पढ़े-लिखे, कामकाजी पति-पत्नी थे। दोनों साधारण मध्यमवर्गीय परिवारों से आए थे। जीवन की शुरुआत उन्होंने मितव…
आज राधा जी के चेहरे पर बरसों बाद रौनक थी। सुबह से ही घर में उनकी व्यस्तता गूँज रही थी — कहीं फूल सजा रही थीं , कहीं र…
हंसते गाते बिना बात के खुश होते काश कि हम पागल होते उच्चाकांक्षाओं से ना घायल होते काश कि हम पागल होते समझ ना पाते लोगो…
श्रद्धा की मां पूजा का व्यक्तित्व बहुत ही आकर्षक था। अलौकिक सौन्दर्य की स्वामिनी थी पूजा। जो भी उनसे मिलता था वह उनसे प…
बैठा है दुशासन डगर डगर पर इतने कृष्ण कहां से आयेंगे सुनो नारियों खुद ही अपना चीर संभालो हम खुद ही अपनी लाज बचायेंगे कोम…
मनोहर जी अवकाश प्राप्त सरकारी कर्मचारी थे। और रिटायरमेंट के बाद भी जिंदगी को बड़ी जिंदादिली से जीते थे। उनके दोन…
समझ ना पाई उनकी आंखें जब मेरे नयन की भाषा इसी लिए शायद क्वांरी है मेरे अंतस की अभिलाषा लाख चाहने पर भी अपनी, भाव…
1. आज़ बिगड़े हैं जो मेरे हालात तो कल फिर सुधर भी जाएंगे l जो लोग मेरी नजरों से गिर गए है वो मेरी न…
जब से तुम मशहूर हो गए हो तब से तुम मगरूर हो गए हो बोल देते हो सच भरी महफिल में क्यों इस कदर बे शऊर ह…