समकालीन जीवन की नब्ज़ पर उँगली रखती लघुकथाएँ

समकालीन जीवन की नब्ज़ पर उँगली रखती लघुकथाएँ

पुस्तक:   अपेक्षित मौन और अन्य लघुकथाएँ लेखक:   सन्दीप तोमर विधा:   लघुकथा प्रकाशन:   स्पर्श प्रकाशन प्रकाशन …

सपनों की चोरी की एफआईआर

सपनों की चोरी की एफआईआर

थाने का माहौल वही था — जैसा एक आम भारतीय थाने का होता है — हल्का-सा आतंक , थोड़ा-सा तिरस्कार भरा गंधाता माहौल l लॉकअ…

आजादी का नया फॉर्मेट

आजादी का नया फॉर्मेट

किसी जमाने में गुलामी के खिलाफ लड़ाई इंसान ने इंसान से लड़ी थी। तलवारें थीं , जंजीरें थीं , नारे थे ,“ आजादी म…

दो लघुकथाएँ

दो लघुकथाएँ

मध्याह्न भोजन स्कूल निरीक्षण के लिए जिला शिक्षा अधिकारी महोदय एक ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूल में पहुँचे थे। …

दिवेर की वह भोर

दिवेर की वह भोर

( ऐतिहासिक   घटना   की   पृष्ठभूमि   पर   आधारित   एक   कल्पित   कथा )                अरावली की चोटियों पर रात क…

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