ग़ज़लनामा
ग़ज़ल

ग़ज़ल

एक झिझक सी मुझे इजहार में आ जाती है। हर वक़्त ये क़सक़ मेरे प्यार में आ जाती है।।   सोच कर तुमको जब भी कहता हूँ गज़ल।…

ग़ज़ल

ग़ज़ल

1 बात     नहीं     हैरानी     की। अक़्सर जीत जवानी   की।   सीधे   दिखने   वालों   की , आदत     है   शैतानी…

ग़ज़ल

ग़ज़ल

वो जब मुझसे बिछड़ा होगा , दर-दर कितना भटका होगा।   गठरी लोग टटोले होंगे , जब परदेशी लौटा होगा।   आज किस…

ग़ज़ल

ग़ज़ल

कहाँ अब आसमानों की कमी है। परों   में ही   उड़ानों   की कमी है।   सड़क को देखकर सोचा किये सब , नगर   में आशियान…

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