महेश शर्मा
क्या बिगडा मर्द जात का
कच्ची दिवार में चुने कांच में खुद को निहारती कामिनी जडवत खडी रह गइ थी । आईने से झांकता चेहरा कहीं से भी उसके कामिनी न…
कच्ची दिवार में चुने कांच में खुद को निहारती कामिनी जडवत खडी रह गइ थी । आईने से झांकता चेहरा कहीं से भी उसके कामिनी न…
हैदराबाद की ट्रेन स्टेशन पर आने वाली थी। आलम हैदराबाद के एक युनिवर्सिटी में प्रोफेसर था। उसने जाते-जा…
गाँव का नाम था बरखेड़ा। मिट्टी की खुशबू , कच्चे घर , और लोगों की आँखों में उतनी ही उम्मीद , जितनी उ…