कथा-सिन्धु
सात फेरों वाला आदमी

सात फेरों वाला आदमी

मेरा बॉस के साथ जाने का टूर बन गया तो मैंने ध्रुव को बताया कि मैं पंकज कपूर के साथ सात दिन के लिए शिमला जा रही हूं। सुन…

विकल्प हैं तो शिकायतें भी हैं

विकल्प हैं तो शिकायतें भी हैं

समस्याएँ जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं। शिकायतों से न समाधान मिलता है , न शांति ; उल्टा मन इतना भर जात…

किराएदार

किराएदार

राजीव और सोनल पढ़े-लिखे, कामकाजी पति-पत्नी थे। दोनों साधारण मध्यमवर्गीय परिवारों से आए थे। जीवन की शुरुआत उन्होंने मितव…

नई सुबह

नई सुबह

सन् सत्तर के दशक का एक गाँव। मिट्टी से बने मकान, बैलगाड़ी की चर्र-चर्र, कुएँ से रस्सी खींचते औरतों की गुनगुनाहट। ऐसे ही…

नई माँ

नई माँ

मैं दिल्ली जाने के लिये बिल्हौर स्टेशन पर खड़ी थी। पलटकर स्टेशन के प्रवेश द्वार को देखा तो बीते दिनों की कौंधी यादों के …

 संस्कारी पुड़िया

संस्कारी पुड़िया

शाम होते होते सगरो गाँव में ढिंढोरा सा पिट गया- " गोपला ने गणेशवा की बहू को ले भागा...! "…

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