व्यंग्य
आओ एडमिन-एडमिन खेले

आओ एडमिन-एडमिन खेले

मिसेज राय मेरी पुरानी जानकार हैं। अरे साहब ,  चौंकिए मत ,  जानकार का मतलब बस उतना ही है , यानि साहित्यिक जानकार !  अब…

 एआई युग में एक बाबू

एआई युग में एक बाबू

जी हां , मैं विद्याधर प्रसाद मिश्र , तैंतीस वर्ष सरकारी सेवा की, छह विभाग, चार मंत्री, और अनगिनत फ़ाइलें देखीं। रिटाय…

सपनों की चोरी की एफआईआर

सपनों की चोरी की एफआईआर

थाने का माहौल वही था — जैसा एक आम भारतीय थाने का होता है — हल्का-सा आतंक , थोड़ा-सा तिरस्कार भरा गंधाता माहौल l लॉकअ…

आजादी का नया फॉर्मेट

आजादी का नया फॉर्मेट

किसी जमाने में गुलामी के खिलाफ लड़ाई इंसान ने इंसान से लड़ी थी। तलवारें थीं , जंजीरें थीं , नारे थे ,“ आजादी म…

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