व्यंग्य
सपनों की चोरी की एफआईआर
थाने का माहौल वही था — जैसा एक आम भारतीय थाने का होता है — हल्का-सा आतंक , थोड़ा-सा तिरस्कार भरा गंधाता माहौल l लॉकअ…
थाने का माहौल वही था — जैसा एक आम भारतीय थाने का होता है — हल्का-सा आतंक , थोड़ा-सा तिरस्कार भरा गंधाता माहौल l लॉकअ…
किसी जमाने में गुलामी के खिलाफ लड़ाई इंसान ने इंसान से लड़ी थी। तलवारें थीं , जंजीरें थीं , नारे थे ,“ आजादी म…
मीटिंग हमारे जीवन का एक अंग है।विशेषत: पढ़े लिखे कहलाने वाले उच्च वेतनभोगी कर्मचारी और अधिकारियों के लिए मीटिंग उनके जी…
भाइयों अउर मेरे अंचलिक परिवेश के मित्रो , गाँव में कई प्रेम कहानी अधूरी इसलिए रह गयी क्यूंकि उनके नसीब में एक अदद प्…