आशा भाटिया
माँ ….बस माँ

माँ ….बस माँ

माँ ….बस माँ याद आता है मुझे … जैसे ही ….! गाड़ी को पार्किंग में लगाया बिन डोर बेल बजाए…… माँ को दरवाज़े पर खड़ा…

गुमनाम शहीद

गुमनाम शहीद

कैसी मुश्किल घड़ी आन पड़ी है ! संकट में उसकी जान पड़ी है । इक माँ है जो सरहद पर बुला रही हैं । इक माँ है जो अस्पता…

 अग्नि परीक्षा

अग्नि परीक्षा

बात 2008 की है । उन दिनों में मैं छोटा मोटा ज़ेवर पहन कर रखती थी। मैं बतौर अध्यापिका एक विद्यालय में कार्यरत थी ।एक दि…

वो बत्तीस अंक

वो बत्तीस अंक

बात उन दिनों की है जब मैं कक्षा ग्यारहवीं में पढ़ती थी। हमारी छमाही परीक्षा हो चुकी थी ।कक्षा में सभी विषयों के पेपर जा…

कन्या का मान

कन्या का मान

कुछ दिन पहले मैं टैक्सी के द्वारा दिल्ली से बाहर जा रही थी। मैंने आने-जाने की टैक्सी की थी। टैक्सी में ड्राइवर ने राधा …

थोड़ा सा ख़ालीपन

थोड़ा सा ख़ालीपन

ख़ाली हाथ नहीं हूँ फिर भी ना जाने क्यूँ …..! कुछ ढूँढती रहती हूँ अपने हाथों की लकीरों में जो चाहा ,बढ़ कर पाया । फिर भी…

वो शाम कुछ अजीब थी

वो शाम कुछ अजीब थी

वो शाम कुछ अजीब थी ……! रात के क़रीब थी । रात गहरा रही थी शायद कुछ बता रही थी । इस ढलती रात में समेट रही थी कुछ ख़्वा…

तेरे बिन….!

तेरे बिन….!

जो मिल गई, वो मोहब्बत कैसी । जिसे पा लिया, वो महबूब कैसा । मोहब्बत में ना हो कसक ना हो दर्द ,ना हो जुदाई । वो मोहब्…

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