आज का सत्य
आज का सत्य खेत तब्दील हो रहे माॅल , औद्योगिक प्रांगण में आँगन बाजार में आज का सत्य नदी का पानी जो फसल…
आज का सत्य खेत तब्दील हो रहे माॅल , औद्योगिक प्रांगण में आँगन बाजार में आज का सत्य नदी का पानी जो फसल…
गगन केवल मगन का ही नहीं मंगली का भी , ठीक है मंगली ने दावा नहीं किया अपने हिस्से पर , उसने समर्पण …
मेरे पड़ोस में सिंचाई विभाग से रिटायर्ड अभियंता राय जी रहते हैं। मेरे अच्छे मित्र के साथ दूर के संबंधी भी हैं। एक नेक औ…
घर के चार दीवारी में बन्द औरतों के पैरों में जंजीर नहीं होती , हाथों में नहीं होती बेड़ियां पर मुट्ठी भर …
१ चुरा ले गइल धान, पान, मुस्कान सून कइलस गाँव घर जवार कर देलस तार - तार रिसतन के हँ! बाजार। २ अभाव हमरा खातिर मान…
कब तक तोड़ोगे स्त्री को जिससे टूटकर तुम पैदा हुए हो, झांक अपने अंदर आज तूम जिस अस्तित्व पर इतराते हो जिस पौरुष को दिखल…
सफ्हा -ए - हस्ती, इंसान की बस्ती वुजूद ना बचता, जो न होती मस्ती। मिरी सन - ए विलादत, अहम नहीं अहम की बात है, जिंदगी ह…