काव्य-सरिता ओढ़नी रोशनी की ओढ़कर ओढ़नी रोशनी की - आयी फ़िर दीवाली की रात । सजाकर रंगोली की महावर - पहन दीयों के बिछुए । झालरों क… By - अरुणिता अक्टूबर 11, 2026