सन्दीप तोमर
नई सुबह

नई सुबह

सन् सत्तर के दशक का एक गाँव। मिट्टी से बने मकान, बैलगाड़ी की चर्र-चर्र, कुएँ से रस्सी खींचते औरतों की गुनगुनाहट। ऐसे ही…

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