अमित मिश्रा
ग़ज़ल

ग़ज़ल

एक झिझक सी मुझे इजहार में आ जाती है। हर वक़्त ये क़सक़ मेरे प्यार में आ जाती है।।   सोच कर तुमको जब भी कहता हूँ गज़ल।…

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