काव्य-सरिता
बनठन कर मैं खड़ी हूं आज

बनठन कर मैं खड़ी हूं आज

बनठन कर मैं खड़ी हूं आज   ना जाने तुम कब आओगे।   अपनी भोली सी सूरत   कब दिखलाने आओगे।     होली का दिन आ ग…

तरक़्क़ी का पोस्टमार्टम

तरक़्क़ी का पोस्टमार्टम

शहर बोला मैं तरक़्क़ी की मिसाल बन गया , पेड़ बोला अरे मैं फ़ाइल में सवाल बन गया। नदियाँ बोलीं अब हमें नाली का …

तुम्हारे लिए

तुम्हारे लिए

रात सजती रही अब तुम्हारे लिए   गीत बजते रहे अब तुम्हारे लिए । चूडियो की बीणा बजने लगी   गीत गाता रहा अब तुम…

युद्ध

युद्ध

युद्ध सदा देता हमें , गहरे त्रासद घाव।   शांति अथवा युद्ध में , करिए उचित चुनाव।   आम नागरिक झेलते , महायुद्ध…

नजरिया

नजरिया

ऐंठी-चपटी हुई सी अँतड़यों वाली फगनू की नोनी ने अपनी कमर से चिपकाए नानुक को , चाँद को धीमी आँच में पकी फुली हु…

आओ लिखें हम एक नयी कहानी

आओ लिखें हम एक नयी कहानी

आओ लिखें हम एक नयी कहानी , जिसमें न कोई राजा हो न रानी। बस उसमें गांवों की स्वच्छ हवा हो , और हो बूढ़े कुंए क…

विश्व कप

विश्व कप

(आस्ट्रेलिया टीम का T- 20 विश्व कप- 2026 से बाहर होने पर रचनाकार की शाब्दिक प्रतिक्रिया )   एक बहेलिया स्वयं शिका…

शब्द और भाव

शब्द और भाव

शब्द है जैसे नभ के तारे ,           भाव है जैसे चाँद की चांदनी।           शब्दों से सजती है भाषा ,  …

परिवार

परिवार

ब्रह्मांड सृजेता ने सृजित किया , अपना खूबसूरत संसार जीवन के इस वन उपवन में , रचा प्यारा सा घर परिवार अनमोल मोत…

सुबह लाने की जिद

सुबह लाने की जिद

बहुत धूंधलाई है यह शाम हमने बोया था वह भरोसा   आज बस एक छाया है गली-गली में एक मौन एक सवाल घूम रहा …

सैन्य व्यथा

सैन्य व्यथा

सरहद पर खड़ा जवान , दिल की व्यथा नहीं कहता , आतंकवाद , अलगाववाद , सरहद पर कड़ी नजर रखता , भूख प्यास और नींद…

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