शिकार
अब क्यों लगता है ऐसा , आदमी ने दुनिया को तब्दील कर दिया है खंडहर में ? आदमी मानों बन गया है मकड़ी , बुनता ही…
अब क्यों लगता है ऐसा , आदमी ने दुनिया को तब्दील कर दिया है खंडहर में ? आदमी मानों बन गया है मकड़ी , बुनता ही…
हवा चली तेज इतनी आंधी आई जोर जोर से धूल खूब उड़ने लगी देखो चारो ओर से। डर के लोग घर में दुबके…
यथार्थ जीवन को जो समझते हैं पहचान सत्य की वो ही करते हैं सब जीवों में देखते हैं ईश्वर को सत्य निष्ठां से देश-सेवा …
जीवन जीना सहज न जानो , बहुत बड़ी फनकारी है , खुद को भी खुश रखना , खुद की ही जिम्मेदारी है। रंग बदलना , ढं…
पूरी तो तुम भूल गए हो बस टुकड़ा टुकड़ा याद हूं बीते वक्त की बस धुंधली सी याद हूं प्रेम माधुरी छलका करती मुस्कानो…
छुपा लो आँखो मे मुझको पलक को बंद रखना तुम । कही निकल न जाऊं मै अश्क़ को रोके रहना तुम ।। ह्रदय की ते…
हे धन्य श्रमिक! तुम स्वेद - स्नेह दे , जीवन - दीप जलाते हो। धरती माँ के सच्चे सपूत , श्रम का शुभ चक्र चला…
उन्मुक्त हंसी एक दवा है दोस्तों हंसते मुस्कुराते जीभर के जी लो ना जाने कब गमों का घेरा हो हंसी से गमों को भुल…
प्रकृति का रूप निराला , मन को कितना भाता है , इतनी सुंदर छवि पाकर , कोयल का मन गाता है। बरसे जब बूँदे …
यह जीवन का सत्य है ….! कि मौत निश्चित है और नहीं जाना कुछ साथ । भले ही ….! मृत्यु की पुस्तक में जीना हो कठिन । फ…
सजाकर मुस्कान लबों पर , कितने ग़म छुपाते हैं। जीवन की तन्हाई में फिर , बीते दिन याद आतें हैं ।। हमने सीख लिया…
बनठन कर मैं खड़ी हूं आज ना जाने तुम कब आओगे। अपनी भोली सी सूरत कब दिखलाने आओगे। होली का दिन आ ग…
शहर बोला मैं तरक़्क़ी की मिसाल बन गया , पेड़ बोला अरे मैं फ़ाइल में सवाल बन गया। नदियाँ बोलीं अब हमें नाली का …
रात सजती रही अब तुम्हारे लिए गीत बजते रहे अब तुम्हारे लिए । चूडियो की बीणा बजने लगी गीत गाता रहा अब तुम…
युद्ध सदा देता हमें , गहरे त्रासद घाव। शांति अथवा युद्ध में , करिए उचित चुनाव। आम नागरिक झेलते , महायुद्ध…