ललन प्रसाद सिंह
सैन्य व्यथा
सरहद पर खड़ा जवान , दिल की व्यथा नहीं कहता , आतंकवाद , अलगाववाद , सरहद पर कड़ी नजर रखता , भूख प्यास और नींद…
सरहद पर खड़ा जवान , दिल की व्यथा नहीं कहता , आतंकवाद , अलगाववाद , सरहद पर कड़ी नजर रखता , भूख प्यास और नींद…
सुनो मुझे न तुमसे कुछ मांगना है न ही तुमसे कुछ पाने की चाहत है आज तुम ठीक तो हो न जिंदगी में सिर्फ यही तो छोट…
नए साल में अब झूठ का ऐलान नहीं होगा , नशे में डूबे लोगों का कोई सम्मान नहीं होगा। होश में जीने वाले आगे बढ़क…
तेरी अर्थी को कंधा देने के बाद ,, मेरे महबूब बहुत अकेला हो गया हूँ मै , तेरे शहर की ये खूबसूरत हवाएं मु…