बनठन कर मैं खड़ी हूं आज
बनठन कर मैं खड़ी हूं आज ना जाने तुम कब आओगे। अपनी भोली सी सूरत कब दिखलाने आओगे। होली का दिन आ ग…
बनठन कर मैं खड़ी हूं आज ना जाने तुम कब आओगे। अपनी भोली सी सूरत कब दिखलाने आओगे। होली का दिन आ ग…
शहर बोला मैं तरक़्क़ी की मिसाल बन गया , पेड़ बोला अरे मैं फ़ाइल में सवाल बन गया। नदियाँ बोलीं अब हमें नाली का …
रात सजती रही अब तुम्हारे लिए गीत बजते रहे अब तुम्हारे लिए । चूडियो की बीणा बजने लगी गीत गाता रहा अब तुम…
युद्ध सदा देता हमें , गहरे त्रासद घाव। शांति अथवा युद्ध में , करिए उचित चुनाव। आम नागरिक झेलते , महायुद्ध…
ऐंठी-चपटी हुई सी अँतड़यों वाली फगनू की नोनी ने अपनी कमर से चिपकाए नानुक को , चाँद को धीमी आँच में पकी फुली हु…
आओ लिखें हम एक नयी कहानी , जिसमें न कोई राजा हो न रानी। बस उसमें गांवों की स्वच्छ हवा हो , और हो बूढ़े कुंए क…
(आस्ट्रेलिया टीम का T- 20 विश्व कप- 2026 से बाहर होने पर रचनाकार की शाब्दिक प्रतिक्रिया ) एक बहेलिया स्वयं शिका…
शब्द है जैसे नभ के तारे , भाव है जैसे चाँद की चांदनी। शब्दों से सजती है भाषा , …
ब्रह्मांड सृजेता ने सृजित किया , अपना खूबसूरत संसार जीवन के इस वन उपवन में , रचा प्यारा सा घर परिवार अनमोल मोत…
बहुत धूंधलाई है यह शाम हमने बोया था वह भरोसा आज बस एक छाया है गली-गली में एक मौन एक सवाल घूम रहा …
सरहद पर खड़ा जवान , दिल की व्यथा नहीं कहता , आतंकवाद , अलगाववाद , सरहद पर कड़ी नजर रखता , भूख प्यास और नींद…