1.
वो बहुत इत्मीनान रखता है।
साथ जो दिल जवान रखता है।
पूछ कर हाल आप-अपनों के,
साथ औरों का ध्यान रखता है।
चैन की नींद उसको आती है,
आँख भर जो थकान रखता है।
मानते हैं सभी कही उसकी,
पास जो सच जुबान रखता है।
शख़्स वो जोश , हौंसले वाला,
दूर, ऊँची उड़ान रखता है।
नाम से, मान से,आन से अपनी,
वो सभी पर कमान रखता है।
2.
कभी जब किसी से न हारी मुहब्बत।
मज़े में रही ये हमारी मुहब्बत।
कभी मिल गए हमसफ़र रास्ते में,
कभी बस अकेले गुज़ारी मुहब्बत ।
निगाहें छुपाकर , निगाहें लगाकर,
यूंँही बच-बचा कर निहारी मुहब्बत।
जहाँ पास देखा इक मौका सुनहरा,
वहाँ ठीक हमने उतारी मुहब्बत ।
बुलाकर,बताकर ,मनाकर,हँसाकर,
हमेशा यूँ हमने सँवारी मुहब्बत।
जहाँ भी मिले जान पहचान वाले,
वहाँ हमने अपनी बघारी मुहब्बत।
नवीन माथुर पंचोली
अमझेरा जिला-धार
मध्य प्रदेश-454441
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