डॉ० केवलकृष्ण पाठक
जीवन जीने का फलसफा
यथार्थ जीवन को जो समझते हैं पहचान सत्य की वो ही करते हैं सब जीवों में देखते हैं ईश्वर को सत्य निष्ठां से देश-सेवा …
यथार्थ जीवन को जो समझते हैं पहचान सत्य की वो ही करते हैं सब जीवों में देखते हैं ईश्वर को सत्य निष्ठां से देश-सेवा …
चाहा भारत की संस्कृति ने, सदा ही विश्व का हो कल्याण । विश्व संविस्कृति है वास्तव में, धरती वेद की कीर्तिमान। …