शिकार

अरुणिता
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अब क्यों लगता है ऐसा,
आदमी ने दुनिया को 
तब्दील कर दिया है खंडहर में?
आदमी मानों 
बन गया है मकड़ी,
बुनता ही रहा है 
जाल पर जाल,
फंसाता रहता है 
शिकार को,
लेकिन 
उसकी निगाह 
वहीं तक नहीं पहुंची है,
जहां छुपा है कातिल खंजर!

पुष्करराय जोषी
479, गुजरात हाउसिंग बोर्ड,
कणकोट पाटिया, कालावड रोड,
राजकोट -360005
मो.9925165164

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