आंधी आई जोर से

अरुणिता
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हवा चली तेज इतनी 

आंधी आई जोर जोर से 

धूल खूब उड़ने लगी 

देखो चारो ओर से। 

 

डर के लोग घर में दुबके 

बाहर कोई न आया। 

आंधी ने आ कर 

अपना रंग दिखाया ।

 

पेड़ गिरे छप्पर उड़े 

आंधी ने आफत ढाई। 

कितनों की देखो आंधी में 

जान चली गई भाई 

 

सागर में उठी जोर की लहरें 

जाकर किनारे से टकराई। 

आ गए बादल काले काले 

जल ही जल बरसाई। 

 


बिजली कड़की जोर जोर से 

भारी आफत ढाई। 

ताल पोखरा भर गए सारे 

नदियों में बाढ़ आई। 

 

आया फिर बरसात का मौसम 

गर्मी से राहत दिलवाई। 

देखो किसान करने चले 

खेतों में धान की रोपाई ।

 

बद्री प्रसाद वर्मा अनजान 

गल्ला मंडी गोलाबाजार 273408

गोरखपुर उ. प्र.

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