नववर्ष

अरुणिता
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नववर्ष का हुआ नव आगाज़,

मन में जगे नये नये एहसास,

पूर्ण हो सबकी हर आस,

प्रभु से करते हैं ये अरदास। 


जीवन में मिलें खुशियां की बहार

आंगन में खिले कलियां अपार,

साथ लिए सुनहरे पलों की झंकार,

हंसता खिलखिलाता रहे परिवार।


नव उमंग और नव तरंग,

नववर्ष मन में भरे नवरंग,

सभी अपने रहें संग संग,

ना हो किसी की खुशियां बदरंग।

 

बीती बातें भूलकर करे नई शुरुआत,

सफलताओं की मिलें हजारों सौगात,

सभी को दुख दर्द से मिल जाए विराम,

जगमगाता नववर्ष दे प्यार का पैगाम।


नीतू रवि गर्ग "कमलिनी"

चरथावल मुजफ्फरनगर उत्तरप्रदेश 

 

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